
क्या हमारा क्रिकेट बोर्ड देश से भी ऊपर हो गया है? शायद हाँ...तभी तो वो आई पी एल को देश से बहार आयोजित करवाने पर .राजी..है..!उसके लिए देश के लोगों का कोई महत्त्व नहीं है...!दर्शक मैच देखना चाहे तो विदेश जाएँ या फ़िर टी वी पर देखें...!बोर्ड के पास इतना पैसा है की ..उसे दर्शकों से होने वाली आमदनी की कोई जरुरत नहीं है....!.इस...से ये सिद्ध हो गया है की ये सब पैसे का खेल है..और यदि सरकार बोर्ड को ना करेगी तो बोर्ड कुछ भी कर सकता है...!अब iस का नाम भले ही .इंडियन .प्रीमियर..लीग हो ये होगा इंडिया से .बाहर...!अब बेचारे नेता तो चाहते थे की ये चुनाव बाद हो क्यूंकि लोग उनका भाषण सुनने नहीं आयेंगे,रैलियों में नहीं आयेंगे...!लेकिन हो गया उल्टा....!अब .चुनाव..भी होंगे और आई पी एल भी होगा..!सरकार और बोर्ड की लड़ाई में देश जाए .पानी में...!पैसे के लिए हम तो कुछ भी करेगा...