



आप भी देखिये..अपने शहर में-टूटी फूटी सड़कें,सड़क पर विचरते आवारा पशु...,क्रूरता की हद लांघती पुलिस !क्या आप इससे खुश है?कम से कम मैं तो नहीं!हमारा बीकानेर एक हेरिटेज शहर है,पर जब मैं सड़क पर ये नज़ारे देखता हूँ तो शर्मा जाता हूँ!आख़िर मैं क्यूँ शर्मिंदा हूँ?जबकि मैं एक अच्छे नागरिक की .भांति सब टेक्स भरता हूँ तो फ़िर ऐसा क्यूँ?आख़िर क्यूँ मुझे विदेशियों .के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है...!स्थानीय प्रशासन को चाहिए की वो सब ठीक रखे!मैं सारे टैक्स भरने के अलावा क्या कर सकता हूँ?यहाँ आने वाले पर्यटक मुझसे पूछते की आप शिकायत नहीं करते?अब मैं उनको क्या बताऊँ की यहाँ किसी के कानों में कोई .में कुछ सुनाई नहीं पड़ता!चारों और फैली गन्दगी,आवारा पसु,अनियंत्रित ट्राफिक ,.भिखारी उनके लिए नई चीज़ें है!वे विदेश में जाकर भारत की क्या छवि पेश करेंगे,ये हम समझ सकते है!पर क्या करें...आप ही बताएं....