Saturday, October 24, 2009

साहसिक पर्वतारोही का सहयोग करें ...


बीकानेर के महान पर्वतारोही मगन बिस्सा जिन्होंने तीन बार एवरेस्ट पर विजय पाई है,आज जिंदगी की जंग लड़ रहें है !पहली बार १९८४ में बछेंद्री पल के साथ उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था !तब उन्हें इस साहसिक कारनामें हेतु सेना मैडल भी दिया गया था !किंतु आज ये साहसी अकेला ही मौत का सामना कर रहा है!ना तो राज्य और ना ही केन्द्र सरकार .सहायता को आगे आई है!मगन बिस्सा राजस्थान एडवेंचर .फाउन्देशन के अध्यक्ष और नेशनल एडवेंचर फाउन्देशन के निदेशक भी है !पिछली सात मई को वे चौथी बार एवरेस्ट अभियान में घायल हो गए थे !इस बार वे अपनी पत्नी के साथ एवरेस्ट फतह करने निकले थे !तभी से वे अस्पताल के आई सी .यूं में भरती है !आख़िर में उनके कुछ शुभचिंतकों ने ही उनकी सहायता का बीडा उठाया है !उनकी सहायता हेतु एक वेबसाईट भी बनाई गई है,इस वेबसाईट पर जाने हेतु यहाँ क्लिक करें!इस पर बिस्सा जी के बारे में तमाम विवरण उपलब्ध है!राज्य और देश का नाम ऊँचा करने वाले बिस्सा जी की सहायता हेतु हम सब को अपना योगदान देना चाहिए....

Wednesday, October 21, 2009

'नई दुनिया' में हमारी मिठाइयां.....


दिवाली के शुभ अवसर पर पाबला जी ने संदेश दिया कि"नई दुनिया" के १७ अक्तूबर के अंक में 'ये दुनिया है' को स्थान मिला है!अब उनकी नज़र हमारी मिठाइयों पर लिखी गई पोस्ट को प्रिंट मिडिया में जगह मिली है!ये मेरे साथ साथ पूरे ब्लॉग परिवार के लिए हर्ष की बात है !दिवाली का इससे अच्छा तोहफा और क्या होगा!हमारे विचारों को सराहा गया ,ये एक अच्छी ख़बर है.....

Thursday, October 15, 2009

दीपावली की शुभकामनायें!!!!!!







जी हाँ ...अब तो ब्लॉग परिवार ही हमारा परिवार है!ब्लॉगजगत के सभी साथियों को दिवाली की शुभकामनाएं..!!!.आपसी स्नेह बनाए रखें...और जोर शोर से दिवाली मनाएँ...!!!पूरे ब्लॉग जगत परिवार को दिल से बधाई...

Friday, October 9, 2009

अब हमारी मिठाइयां है निशाने पर.....




अपने एक विज्ञापन तो देखा होगा-"आज मीठा है खाना,आज पहली तारीख है"!और वो क्या मीठा खाने के लिए कह रहे है?..जी हाँ चोकलेट!!!!अब आप ही बताइए ऐसा कौन है जो पहली तारिख को चोकलेट खाता है!पर ये खिलाना चाहते है!हमारे यहाँ तो जिस दिन तनख्वाह मिलती तो मिठाई लाकर भगवान् के चढाई जाती है!इसी चोकलेट को स्थापित करने के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने मिठाई के ख़िलाफ़ युध्ध सा छेड़ दिया है!साथ ही में टी वी पर अचानक सब कुछ मिलावटी दिखने लगा है,जी हाँ नकली मीठी,नकली मावा,नकली घी आदि आदि !असल में ये सब मिठाई के प्रति बेरुखी पैदा करने हेतु किया जा रहा है!हमारे देश में हर मौके पर मिठाई खाने और खिलने का रिवाज़ है!अब अचानक मिठाई को ..गरिष्ठ..गन्दी,मिलावटी और .बीमारियाँ...उत्पन करने वाली के तौर पर प्रचारित किया जा रहा .है...!मिठाई से बी पी ,शुगर और ना जाने क्या क्या होना बताते है!अब भारतीय लोगों और व्यापारियों को भी सचेत हो जाना चाहिए....!जिस तरह से चीनी पटाखे और अन्य आइटम बाज़ार में पैठ कर चुके है,उसी तरह चीनी मिठाइयां और चोकलेट भी बस आने को है!हम सालों से मिठाई खाते आ रहे है ..अब भी खायेंगे!!!इसलिए किसी अच्छी दूकान से मनपसंद मिठाई लीजिये और मस्त होके खाइए!!!!आपके लिए हर तरह की स्वादिष्ट और शुगर फ्री मिठाई भी हर जगह उपलब्ध है....

Monday, October 5, 2009

ये है हमारी नागरिक सुविधाएँ....









आप भी देखिये..अपने शहर में-टूटी फूटी सड़कें,सड़क पर विचरते आवारा पशु...,क्रूरता की हद लांघती पुलिस !क्या आप इससे खुश है?कम से कम मैं तो नहीं!हमारा बीकानेर एक हेरिटेज शहर है,पर जब मैं सड़क पर ये नज़ारे देखता हूँ तो शर्मा जाता हूँ!आख़िर मैं क्यूँ शर्मिंदा हूँ?जबकि मैं एक अच्छे नागरिक की .भांति सब टेक्स भरता हूँ तो फ़िर ऐसा क्यूँ?आख़िर क्यूँ मुझे विदेशियों .के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है...!स्थानीय प्रशासन को चाहिए की वो सब ठीक रखे!मैं सारे टैक्स भरने के अलावा क्या कर सकता हूँ?यहाँ आने वाले पर्यटक मुझसे पूछते की आप शिकायत नहीं करते?अब मैं उनको क्या बताऊँ की यहाँ किसी के कानों में कोई .में कुछ सुनाई नहीं पड़ता!चारों और फैली गन्दगी,आवारा पसु,अनियंत्रित ट्राफिक ,.भिखारी उनके लिए नई चीज़ें है!वे विदेश में जाकर भारत की क्या छवि पेश करेंगे,ये हम समझ सकते है!पर क्या करें...आप ही बताएं....

Friday, October 2, 2009

शास्त्री जी हम शर्मिंदा है...?


हाँ सच में हम बहुत शर्मिंदा है!हम आप को कभी भी वो सम्मान नहीं दे पाये जिसके आप हक़दार थे!अब देखिये ना आज ही आपका जन्मदिन है और सभी बस गांधी जी के गीत गा रहे है!बापू से हमें भी बहुत प्यार है!पर सरकार है की सभी कार्यक्रमों में आपको भूलती जा रही है!अब हम क्या करें ..जो आज ही दोनों का जन्म दिन है!आप दोनों को हम कैसे भूल सकते है?पर माफ़ करना शास्त्री जी आपको किसी पार्टी ने अपना आइडियल नहीं .माना तो..!गांधी जी को तो कांग्रेस ने अपना लिया है !हर सरकारी दफ्तर में उन्हें स सम्मान पहुँचा दिया गया है ,पर आपको हम घर घर नहीं पहुंचा पाए!आपके महान आदर्श हम भूले नहीं है,पर गांधी जी आप पर जरूर भारी पड़े है !उनके विशाल व्यक्तितव के सामने आप फ़िर .बौने साबित हुए!माफ़ करना ये हम नहीं कह रहे!आप आज के अखबार देख लीजिये,न्यूज चैनल देख लीजिये...हर जगह आप को बौना साबित किया जा रहा है !पर हाँ एक जगह है ,जहाँ आज भी आप को ,आप के आदर्शों को बड़ी .शिद्दत से याद किया जाता है......वो है हमारे दिल ..जहाँ आज भी आप रचे बसें है..!हमें आज भी आप की एक एक बात दिल से याद है !चाहे वो रेल दुर्घटना के बाद आपका इस्तीफा हो या युद्घ के समय आपका सहायता का आह्वान ,हम बिल्कुल भूले नहीं है!हमें आज भी आपकी शहादत पर गर्व है !हर हिन्दुस्तानी के दिल में आज भी आप जिन्दा है.....!पर जी गलती हुई उसके लिए दिल से सॉरी....

Sunday, September 27, 2009

इकोनोमी क्लास का ढोंग क्यूँ?

लो जी थरूर साहब भी केटल[इकोनोमी]क्लास में सफर को राजी हो गए!होते भी क्यूँ नहीं महारानी और युवराज़ जो ऐसा चाहते है!लेकिन इससे क्या होगा ?विमान तो अपने गंतव्य तक जाएगा ही ...!फ़िर किसके और कैसे .paise... बचेंगे ?ऊपर से सुरक्षा बलों ने कुछ सीटें और खाली करवा ली!सोनिया जी और राहुल के ऐसा चाहने से किसी का भला होने वाला नहीं है!अगर वास्तव में ही खर्चा कम करना है तो जनता के गाढे पैसे की बर्बादी रूकनी चाहिए!आज कोसा विधायक,मंत्री या कोई नेता ऐसा है जो अपने वेतन से काम चला रहा है?आज एक अदना सा आदमी अपने मासिक वेतन से घर नहीं चला सकता,उसे तो जैसे तैसे जीने की आदत पड़ चुकी है !और एक ये नेता जी है जो अपने वेतन से इतना कमा लेते है कि इन्हे किसी चीज़ कि कमी नहीं....!बस इसी बात में .सारा रहस्य छिपा है!आपने किसी नेता को भीख मांगते देखा है?मैंने बहुत से राष्ट्रीय खिलाड़ियों,पुरुस्कृत शिक्षकों और सवतंत्रता सेनानियों को रोज़ी रोटी के लिए संघर्ष करते देखा है!वे पूरी जिंदगी में इतना नही कमा सके कि अपना पेट भर सके और एक छोटा सा नेता पाँच साल में इतना कैसे कमा लेता है?इस प्रशन में ही सारे उत्तर .छिपे है!

Thursday, September 24, 2009

थरूर का गरूर....

थरूर साहब ने सही फरमाया....इकोनोमी क्लास तो सही में केटल क्लास ही है !जब हवाई यात्रा करने ही लग गए तो इकोनोमी क्लास क्यूँ?इससे क्या फर्क पड़ जाएगा?क्योंकि देश की अधिकांश जनता ने तो हवाई .ज़हाज़ को हवा में उड़ते ही देखा है,बैठे तो कभी है नहीं!उनके लिए तो हवाई यात्रा ही एक सपना है!उन्होंने तो ट्रेन में ही सफर किया है जो केटल क्लास से भी बदतर ही होगा!सवाल ये है कि बिजनेस क्लास या केटल क्लास से जनता का कौनसा भला होने वाला है !वो तो हवाई ज़हाज़ में ही नहीं चढ़ती!प्रधान मंत्री जी को चाहए कि वो नेताओं को ट्रेन में सफर कराये ताकि उन्हें पता चले कि केटल क्लास क्या होती है?.एस टी कि बसों और ट्रेन में सफर करके ही केटल क्लास को समझा जा सकता है!अब थरूर साहब काम का बौझ बता रहे है ,तो फ़िर ट्विटर के लिए टाइम कसे मिल रहा है?शायद उन्होंने ऑफिस में घिसते और पिसते बाबुओं को नहीं देखा,वरना ये शिकायत नहीं करते?जब नेता बन ही गए हो तो पहले देश को जानों.....!इतना दुखी होने से अच्छा है कि नेतागिरी ही छोड़ दे..वरना जनता है ना ये सब जानती है.....

Thursday, September 10, 2009

ताज़ा ब्लॉग पोस्ट की जानकारी कैसे मिले..?

आजकल हर पल ब्लॉग जगत में कुछ ना कुछ ताज़ा लिखा जा रहा है !हमें भी जिज्ञासा रहती है की किसने क्या लिखा?क्या ऐसा कोई विजेट है जो हमें अपने ब्लॉग पर ही ऐसी जानकारी उपलब्ध करवा दे..!इस मामले में यदि कोई जानकारी हो तो कृपया अवगत कराएँ...!

Friday, September 4, 2009

ब्लोगिंग..को युवाओं से जोड़ना जरूरी.....


ब्लोगिंग आज बहुत ही लोकप्रिय होती जा रही है.!इतने अच्छे अच्छे ब्लॉग रोज़ आ रहे है...!लगभग हर विषय पर ब्लॉग लिखे जा रहे है!यहाँ तक की बड़ी बड़ी सेलिब्रिटीज़ भी ब्लॉग का सहारा ले रही है !हर कोई ब्लॉग के जरिये अपने विचार सब के सामने रख रहा है!अकेले चिठा जगत पर ही रोजाना लगभग २५ ब्लॉग रोज़ .रजिस्टर हो रहे है!मुझे इन्टरनेट यूज़ करते आज ५ साल हो गए लेकिन असली संतुष्टि ब्लोगिंग से ही मिली !इसके ज़रिये कितने ही .लोगों से परिचय हुआ है और नई नई जानकारियां भी हुई है!लेकिन मैंने नोट किया है की आज भी अधिकाँश युवा इन्टरनेट पर चाटिंग या फ़िर सोशल नेट्वर्किंग में ही उलझे है !शायद इसका कारण .ब्लोगिंग के बारे में अनभिज्ञता ही है !जो लोग काफ़ी समय से ब्लॉग लिख रहे है,उन्हें चाहिए की इस बारे में वे कुछ प्रयास करे !युवा ही देश का भविष्य है ..यदि वे अपने विचार सबके सामने रखेंगे तो निश्चित तौर पर ब्लोगिंग के लिए एक शुभ संकेत होगा !तो आइये हम सब मिल कर ये कोशिश करें की अधिक से अधिक लोग विशेषत:...युवा इससे जुड़े...!जानकर लोगों को चाहिए की ऐसा कोई मंच प्रस्तुत करें जहाँ इस सम्बन्ध में ज्यादा जानकारी मिल सके....