Monday, June 1, 2009

धुम्रपान का विरोध जरूरी है....






धुम्रपान को .रोकने..के लिए सरकार ने एक बार फ़िर से पहल की है..!सरकार ने सिगरेट के पैकेट पर डरावने चित्र प्रदसित करने का फ़ैसला किया है...जो एक उचित निर्णय है..!लेकिन क्या इतना भर करने से लोग धुम्रपान करना छोड़ देंगे..??हरगिज नहीं...!इसके लिए हमें कुछ ठोस कदम उठाने होंगे...!सबसे पहले तो धुम्रपान का महिमंदन बंद करना होगा ..!आज सभी जगह धुम्रपान करना एक फैशन की तरह हो गया है....!सिगरेट पीने वालों को कम .आयु के लोग एक आदर्श मानने लग जाते है...!वे अपने आप को धुम्रपान करते समय बड़ा समझने लग जाते है..!बालीवुड फिल्मों में भी हीरो और विलेन सिगरेट के कश लगाते नज़र आते है...जिससे भी युवाओं पर बुरा असर पड़ता है...!इसके बाद सिगरेट पर टैक्स इतना बढ़ा देना चाहिए की महँगी होने की वजह से हर कोई इसे नहीं पी सके !साथ ही में सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान .न करने के नियम की भी कडाई से पालना होनी चाहिए...!सभी जगह धुम्रपान के विज्ञापनों पर रोक लगनी चाहिए...!इस सब से धुम्रपान का प्रचार प्रसार कम होगा और कम से कम नए लोग इस और आकर्षित नहीं होंगे...!बाकी पीने वाले भी कुछ सबक जरूर लेंगे !धुम्रपान विरोधी अभियान के लिए बच्चों का साथ लेना भी एक अच्छा प्रयास हो सकता है...!बस .आव्सय्कता है एक उचित पहल करने की...

11 comments:

Babli said...

पहले तो मैं आपका तहे दिल से शुक्रियादा करना चाहती हूँ की आपको मेरी शायरी पसंद आई! मेरे दूसरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है!
आपने बहुत ही बढ़िया लिखा है धुम्रपान पर! मुश्किल तो ये है कि ये बुरी आदत एक बार लग गई तो छुट नहीं पाती! चाहे कितनी भी डरावनी चित्र क्यूँ न लगायी जाए पर क्या इस समाधान का हल होगा? लोग धुम्रपान की आदत को छोर नहीं पाते पर कोशिश करने से कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता ! सभी को अपने सेहत का ख्याल रखना चाहिए और धुम्रपान उनके लिए कितना हानिकारक है ये समझकर छोर देना चाहिए!

Pyaasa Sajal said...

dhoomrpaan mujhe to ek badi vaahiyaat aadat lagti hai...mere hisaab se saarvajanik sthalo pe dhoomrpaan ko ekdum sakhti se rok denaa chahte hai...uske baad iske haanikarak pahloo ko thik se prachaar kiyaa jaaye...iske baad ko nasamajh log fir bhi is aadat ko nahi chhodte hai,unka kuch nahi kiya ja saktaa...ye wo log hai jinko bataao ki cigarette peene se kuchh hi saal me tum mar jaaoge,to wo kahenge,are jaldi kisko hai!!!


mere blog pe post pehle naatak ko yahaan padhe:

www.pyasasajal.blogspot.com

ओम आर्य said...

एक अच्छी मुहीम ..........सचेत करने के लिये बधाई

Nirmla Kapila said...

aapka abhiyan bahut achha hai sachi smajseva kar rahe hain aap shubhkamnayen

Nirmla Kapila said...

aapka abhiyan bahut achha hai sachi smajseva kar rahe hain aap shubhkamnayen

AJEET SINGH said...

युवाओं में बढ़ते धुम्रपान के क्रेज़ को युवा रोल माडल कम कर सकते है!इसके लिए युवा नेता,अभिनेता और खिलाडी प्रयास करें तो अनुकूल परिणाम मिल सकते है...

woyaadein said...

मैं तो सख्त विरोधी हूँ धूम्रपान का......मुझे इस धूम्रपान नाम के शब्द से बेइंतेहा नफ़रत है....अरे बेकार में अपने फेफड़े जलाइये, कहाँ की बुद्धिमानी है....इसके अलावा दूसरो को भी निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) के ज़रिये इसके दुष्परिणामों की गिरफ्त में लीजिये.....एकदम वाह्यात आदत...

साभार
हमसफ़र यादों का.......</a

mark rai said...

काफी अच्छा विषय उठाया है ,आपने...
जागरूकता लाने के लिए ऐसे प्रयास
बहुत जरुरी है ....

रंजीत said...

jee haan, swastha bachega to desh bachega.

KK Yadav said...

बहुत सही और समसामयिक परिप्रेक्ष्य में लिखा आपने..साधुवाद !!
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विश्व पर्यावरण दिवस(५ जून) पर "शब्द-सृजन की ओर" पर मेरी कविता "ई- पार्क" का आनंद उठायें और अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराएँ !!

Sachin Gosavi said...

sabse pehle aap ka dhanyawad.sarkar ne sabse pehle 1 hi kam karna chahiye jeseki sugaret ka utpadan band karna chahiye.tabhi sigaret pinahi band ho jayega or sigaret na pine wale logo ko bhi koi taklif nahi hogi. thank u