Sunday, November 21, 2010

ऊँट उत्सव पर पधारो म्हारे देश.....

.राजस्थान को रंगीला राजस्थान क्यूँ कहा जाता है ,यदि इसका उत्तर जानना चाहते है तो चले आइये जनवरी में होने वाले ऊँट उत्सव में !अपनी तरह का ये एक अनूठा उत्सव है जहाँ राजस्थान के  अलग अलग  रंग देखने को मिलते है !इस बार ये ऊँट उत्सव १८ और १९ जनवरी को आयोजित हो रहा है !इस कार्यक्रम का उदघाटन बीकानेर में होता है जिसमे आकर्षक ऊंटों  पर सवार रोबीले जवान विभिन्न करतब दिखाते  है!अगले दिन बीकानेर   से ४० किमी दूर लाडेरा गाँव में अधिकाँश कार्यक्रम होते है ,जिनमे ऊँट सज्जा ,ऊँट नृत्य ,ऊँट दौड़ आदि प्रमुख है !ऊँटो का विशाल काफिला भी यहाँ आकर्षण का केंद्र होता है !








यहाँ लगने वाली स्टालों पर बाजरे की रोटी,कढी,सांगरी का साग और अचार आदि खाने का मज़ा ही कुछ और है                                                                                                                                                                 गाँव के
शांत रेतीले धोरों [टीलों] पर रात को होने  वाली सांस्कृतिक संध्या को तो यहाँ आकर ही महसूस  किया जा सकता है !!रेतीले टीलों पर लगे स्विस टेंट में रहने का अपना अलग ही अंदाज़ है!आजकल इस उत्सव में वायु सेना द्वारा भी करतब दिखाए जाते है !धोरों पर खड़े होकर नीची उड़ान भरते हवाई जहाज को देख कर रोमांचक 
 !अनुभव होता है !इसके अलावा पर्यटन विभाग द्वारा अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है !
जलते अंगारों पर नाथ समाज के लोगों द्वारा किया जाने वाला अग्नि नृत्य भी यहाँ का प्रमुख आयोजन है !

11 comments:

ZEAL said...

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ऊंट उत्सव के बारे में बढ़िया जानकारी । सजे धजे ऊंट बहुत सुन्दर लग रहे हैं।

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mark rai said...

Bahut hi achchi jaankaari...
aur pics bhi bahut hi sunder hai...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

प्रिय बंधुवर रजनीश जी
नमस्कार !
कैसे हैं … ?

आपका शुक्रिया , आपकी बदौलत ऊंट उत्सव का कुछ आनन्द तस्वीरों के माध्यम से लेने के अवसर के लिए । तस्वीरें और पूरा आलेख रोचक है ।

शुभकामनाओं सहित
- राजेन्द्र स्वर्णकार

rajesh said...

bahut achcha bikaner ke bare me bataya he : "thanks"

कुमार राधारमण said...

राजस्थान जाने की योजना काफी समय से बना रहा हूं। शायद,शुरुआत अब बीकानेर से ही हो।

सुनील गज्जाणी said...

rajnish jee
namaskaar !
ye hamare liye gourav ki baat hai ki oot utsav se hamatra bikana pure vishv me jaana jaata hai ,
sadhuwad

संजय भास्कर said...

ऊंट उत्सव के बारे में बढ़िया जानकारी

krishana said...

bahoot sunder jankari

मैं बोलूंगी खुलकर said...

बहुत खूबसूरत फोटो हैं रजनीश जी. आप कुछ नहीं भी लिखते तो भी इन चित्रों ने सबकुछ बयां कर दिया है...

केवल राम said...

रजनीश जी
नमस्कार जी
ऊंट उत्सव के बारे में जानकर अच्छा लगा ...सजे ऊंट काफी मनभावन लग रहे हैं ....हार्दिक शुभकामनायें

Richa P Madhwani said...

http://shayari10000.blogspot.com