.अरब देशों में फैला आन्दोलन लम्बे समय से जनता कि उपेक्षा करने का परिणाम है !ट्यूनीशिया, मिश्र और अन्य देशों में पिछले काफी समय से एक ही सरकार चलती आ रही थी ,और वो भी जनता को सुशासन नही दे पायी !नेता खुद ऐश करते रहे और जनता पिसती चली गयी ..और हालात यहाँ तक बिगड़ गए कि रोजगार ना मिलने पर युवा आत्मदाह करने लगे !बस यहीं से सरकार विरोधी आग भाद्क्नी शरू हुई जो अब बेकाबू हो चुकी है ...
इस पूरे प्रकरण में चिंता कि बात ये है कि लगभग ऐसे ही हालात भारत सहित बहुत से पडोसी देशों में है और अगर ये आग अन्य जगहों पर भी फैली तो इससे बचना मुश्किल हो जायेगा !हमारे देश में देखिये कितने ही मामले ऐसे है जिसमे दोषी करार दिए जाने पर भी नेताओं को सजा नही मिली ,पर जनता सब देख रही है !अगर ये आक्रोश वोटों तक ही सिमित रहा तो ठीक ..पर यदि जनता जाग गयी तो समझो यहाँ भी हालात बिगड़ते समय नही लगेगा !आज जरूरत इस बात कि है कि हमारी न्यायिक प्रणाली को सुधार कर सरकार कि जिम्मेवारी तय की जाये और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह हो ...!
इस पूरे प्रकरण में चिंता कि बात ये है कि लगभग ऐसे ही हालात भारत सहित बहुत से पडोसी देशों में है और अगर ये आग अन्य जगहों पर भी फैली तो इससे बचना मुश्किल हो जायेगा !हमारे देश में देखिये कितने ही मामले ऐसे है जिसमे दोषी करार दिए जाने पर भी नेताओं को सजा नही मिली ,पर जनता सब देख रही है !अगर ये आक्रोश वोटों तक ही सिमित रहा तो ठीक ..पर यदि जनता जाग गयी तो समझो यहाँ भी हालात बिगड़ते समय नही लगेगा !आज जरूरत इस बात कि है कि हमारी न्यायिक प्रणाली को सुधार कर सरकार कि जिम्मेवारी तय की जाये और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह हो ...!
3 comments:
मिस्र में हालात सचमुच बड़े खराब हैं ।
सोचना चाहिए ।
आप का कालम बहुत अच्छा हे हिंदुस्तान की सरकार को इस बात पर गोर करना चाहिए कही ये हालत यहाँ पैदा न हो जाये ?
haan sir agar yahan ki sarkaar ab bhi nahi cheti to!!!
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