Wednesday, October 21, 2009

'नई दुनिया' में हमारी मिठाइयां.....


दिवाली के शुभ अवसर पर पाबला जी ने संदेश दिया कि"नई दुनिया" के १७ अक्तूबर के अंक में 'ये दुनिया है' को स्थान मिला है!अब उनकी नज़र हमारी मिठाइयों पर लिखी गई पोस्ट को प्रिंट मिडिया में जगह मिली है!ये मेरे साथ साथ पूरे ब्लॉग परिवार के लिए हर्ष की बात है !दिवाली का इससे अच्छा तोहफा और क्या होगा!हमारे विचारों को सराहा गया ,ये एक अच्छी ख़बर है.....

11 comments:

महफूज़ अली said...

bahut bahut badhai..

Rajesh Tanwar said...

ji badhaai ho badhaai....

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

बधाई!

Babli said...

बहुत बहुत बधाइयाँ!

रश्मि प्रभा... said...

badhaai......

Dipak 'Mashal' said...

bahut bahut badhai Rajneesh ji ki aapki mehnat aur samarpan ka ullekh kiya gaya..

alka sarwat said...

आपके घर दिवाली में यशलक्ष्मी आयीं
बधाई हो
दवा मैं बना तो दूँ अगर आप भी सहयोग करें तो

विश्वनाथ सैनी said...

दीपावली का इससे अच्छा तोहफा और क्या हो सकता है? आपकों ढेरों शुभकामनाएं।

Mumukshh Ki Rachanain said...

उपलब्धि पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

महफूज़ अली said...

"आइये जानें क्यों यूरोपीय व कुछ एशियाई देश शून्य (ज़ीरो) को 'ओ' (O) बोलतें हैं?

yeh ek nayi post likhi hai dekhiyega zaroor....

Regards


Mahfooz..

PRATEEK said...

उपलब्धि पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं
LAGE RAHO MUNNA BHAI